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पर्दाफ़ाश-रायगढ़ जिले के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड का तकरीबन चार साल बाद खुलासा*

✅ *द्वय मृतिका के शिनाख्तगी के लिये पुलिस टीम ने 06 राज्यों के कई जिले तलाशे*

✅ *प्रमुख शहरों कलकत्ता, नागपुर, भुवनेश्वर में कई जगह चस्पा किये गये ईश्तहार*

✅ *01 साल बाद हुई मृतिकाओं की शिनाख्तगी और प्रकरण ने पकड़ी गति*

✅ *गिरफ्त में आया ओडिशा में 03 बार विधायक रह चुका आरोपी*

✅*आरोपी वर्तमान में स्टेट वेयरहाऊस का चेयरपर्सन*

✅ *मृत महिला को पत्नी व मृत बालिका को बेटी की पहचान दे रखा था आरोपी*

✅ *मृतिका द्वारा दिया गया शादी का दबाव और जययाद में हिस्सा मांगना, बना हत्या की वजह*

✅ *थाना चक्रधरनगर , सायबर टीम की रही प्रमुख भूमिका*

रायगढ़ जिले के थाना चक्रधरनगर अन्तर्गत हमीरपुर मार्ग पर मां साकम्बरी प्लांट के पास महिला एवं बालिका के दोहरे हत्याकांड में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन एवं चक्रधरनगर, कोतवाली, कोतरारोड़, सायबर सेल के लगातर किये गये अथक प्रयास से घटना के 3.7 वर्ष बाद इस दोहरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है ।

दो महिलाओं की जघन्य हत्या तथा हाई प्रोफाईल व्यक्ति का नाम आने पर प्रकरण गंभीर एवं संवेदनशील था प्रकरण की विवेचना में लगातार चक्रधनगर पुलिस को वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा था जिससे चक्रधरनगर थाने में तबादले बाद आये थाना प्रभारियों द्वारा उसी ऊर्जा के साथ इस प्रकरण का खुलासा करने में लगे रहे, अन्ततः पुलिस को सफलता मिली है ।

*दिनांक 07.05.2016* को रिपोर्टकर्ता कमलेश गुप्ता निवासी ग्राम संबलपुरी चक्रधरनगर द्वारा थाना चक्रधरनगर में रिपोर्ट दर्ज कराया कि *हमीरपुर मार्ग पर मां साकम्बरी प्लांट के रास्ते पर* एक महिला एवं एक बालिका की हत्या कर शव की पहचान छिपाने के उद्देश्य से फेंक दिया गया है । रिपोर्ट पर थाना चक्रधरनगर में *अप.क्र. 158/2016 धारा 302,201 भादंवि* अज्ञात आरोपी के विरूद्ध दर्ज कर विवेचना में लिया गया । चक्रधरनगर पुलिस की पहली चुनौती शवों की शिनाख्तगी को लेकर थी । घटनास्थल के आसपास के ग्रामों में पूछताछ सीसीटीवी फुटेज, कई मोबाइल टावर के डाटा का एनालिसिस किया गया साथ ही पूरे जिले के गुम इंशानों को छानबीन करने के बाद भी दोनों शव की शिनाख्त न होने से तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के दिशा निर्देशन पर पुलिस की टीमें *ओडिसा, बिहार, महाराष्ट्र, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल* के कई जिलों में शिनाख्तगी का प्रयास किया गया एवं जिला पुलिस द्वारा अन्तर्राज्यीय ईश्तहार जारी किया गया और इसी ईश्तहार से मृतिका की पहचान उसके *पूर्व पति सुनील श्रीवास्तव* द्वारा *1- कल्पना दास पिता रूदाक्ष दास उम्र 32 वर्ष 2- उसकी लड़की बबली श्रीवास्तव पिता सुनील श्रीवास्तव उम्र 14 वर्ष* के रूप में की गई ।

इसके पश्चात चक्रधरनगर पुलिस की जांच में गति आयी और *मृतिका कल्पना दास* के मोबाईल नम्बर का डिटेल निकालकर विशलेषण कर अन्य साक्ष्यों को एकत्र किया जाने लगा। मृतिका के काॅल डिटेल पर ओडिसा के हाई प्रोफाईल व्यक्ति के नाम की जानकारी मिली जिसके विरूद्ध चक्रधरनगर पुलिस पुख्ता साक्ष्य जुटाने में जुट गई । संदेही के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य के मिलने पर थाना प्रभारी चक्रधरनगर निरीक्षक विवेक पाटले द्वारा पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कुमार सिंह को अवगत कराया गया जिनके दिशा निर्देशन पर *संदेही अनूप कुमार साय, पूर्व विधायक ओडिसा* को चक्रधरनगर पुलिस द्वारा नोटिस देकर थाना तलब किया गया था । संदेही अनूप कुमार साय के थाना चक्रधरनगर आने पर एस.पी. सर द्वारा एडिशनल एसपी श्री अभिषेक वर्मा एवं सीएसपी श्री अविनाश सिंह ठाकुर को अपने सुपरविजन में संदेही से पूछताछ एवं अग्रिम कार्यवाही कराने निर्देशित किये । वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में संदेही अनूप कुमार साय से पूछताछ प्रारंभ किया गया, काफी पूछताछ बाद भी संदेही इस अपराध से अपने आप को दर किनार कर रहा था । किन्तु लंबी विवेचना दरम्यान चक्रधरनगर पुलिस द्वारा संदेही के विरुद्ध लिये गये गवाहों के बयान, काॅल डिटेल रिकार्ड एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों पर संदेही कोई जवाब नहीं दे पाया और अन्ततः टूटकर इस अपराध में अपनी प्रमुख भूमिका को स्वीकार करते हुए घटना करना कबूल किया जिससे इस अंधे हत्याकांड का खुलासा हुआ ।

*आरोपी अनूप कुमार साय पिता हरिशचन्द्र साय उम्र 59 वर्ष निवासी बघरा चकरा थाना बृजराजनगर जिला झारसुगुड़ा (ओडिसा)* ने अपने मेमोरेण्डम कथन में बताया कि पूर्व विधायक हूॅ । वर्तमान में स्टेटवेयर हाऊस कार्पोरेशन का चेयरमेन हूॅ । *सन् 2004-05 में*, *कल्पना दास* को उसका पति सुनील श्रीवास्वत छोड दिया था तब कल्पना दास के पिता ने कल्पना एवं उसकी लडकी बबली को मेरे पास लेकर आया । कल्पना एवं मेरे बीच दोनो में आपसी प्रेम संबंध होने से दोनों मिलते जुलते थे तथा मोबाईल नम्बर पर बातचीत करते थे कि मेरी पत्नि व बच्चे भुवनेश्वर में रहते है । *सन् 2011 में* मैं भुवनेश्वर 2 यूनिट 24 सुन्दरपदा में मेरे *पत्नि सुषमा देव के नाम* से जमीन लेकर 3 मंजिल प्लाट बनाने के लिये *शरद कुमार साहू* को दिया था जो शरद कुमार साहू ने 3 मंजिल प्लाट बनाकर मुझे सौंप दिया था *जिसमें कल्पना दास को अपनी पत्नि के रूप में एवं उसकी लडकी बबली को पुत्री के रूप में* रखा था । मकान को देखरेख करने के लिये अर्पती साहू को मकान के नीचे मंजिल को दिया था। बीच बीच में कल्पना के पास आते जाते रहता था और रूकता था । उसकी लडकी को मैने सेंट जेवियर्स इंग्लिस मिडियम स्कूल में भर्ती किया था । कल्पना एवं लडकी बबली तीनो दिल्ली, विशाखापट्टम , हैदराबाद, गोवा, कई बार घुमने गये थे। कल्पना दास ने मुझे शादी करने एवं मकान को अपने नाम पर करने तथा पैसा मांग कर ब्लैकमेलिंग कर रही थी । मै उसके आवश्यकता अनुसार उसकी इच्छा की पूर्ति कर खर्च वहन कर रहा था किन्तु शादी के लिये मैं मना करता था क्योकि मेरा खुद की पत्नि एवं बच्चे है । उसके बाद भी कल्पना द्वारा शादी के लिये दबाव बना कर ब्लैकमेलिंग कर रही थी जिससे मै तंग आकर कल्पना एवं उसकी लडकी बबली को ठिकाना लगाने के लिये *दिनांक 05.05.2016 के रात निवास 2 यूनिट 24 सुन्दरपदा भुनेश्वर से कल्पना एवं बबली को ओला में बैठाकर बस स्टैंड भेजकर स्वयं झारसुगुड़ा जाने* के लिए रवाना कर स्वयं निजी वाहन से पीछे-पीछे झाड़सुगुड़ा रवाना हो गया। झारसुगडा के मेघदूत होटल में एक रूम लेकर कल्पना एवं बबली को रूकवा दिया था तथा मै घर वापस आ गया था और अपने मोबाईल नम्बर से कल्पना से बात करते रहता था । उसी रात करीब 09ः00 बजे मेरा ड्रायवर बर्मन टोप्पो बोलेरो लेकर आया जिसमें हम चारो बैठ कर मेरी योजना के अनुसार रायगढ की ओर बृृजराजनगर होते हुये आगे बढे । रायगढ़ में किसी मंदिर में शादी करेेेगें का झांसा देकर उन्हें रायगढ ले आये । रायगढ में होटल नहीं मिलने से किसी रिस्तेदार के यहां हमीरपुर क्षेत्र में रूकवंगा कहकर धोखे से *उनको हमीरपुर मार्ग पर मां साकम्बरी प्लांट जाने के रास्ते पर उतार कर लोहे के राड से दोनो को हत्या करने की नियत से दोनो के सिर में प्राण घातक वार कर हत्या कर लाश को वहीं कच्ची सडक में फेंक कर हत्या का सबूत छिपाने के लिये मेरे इशारे पर ड्राइवर बर्मन टोप्पो गाडी दोनो लाश के ऊपर कई बार चढा कर लाश को वहीं छोड कर हमीरपुर मार्ग होते अपने घर उड़ीसा आ गये*।

आरोपी के कबूलनामें के बाद उसे हिरासत में लेकर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है ।

उक्त कार्यवाही ए.एस.पी. श्री अभिषेक वर्मा एवं सी.एस.पी. श्री अविनाश सिंह ठाकुर के महत्वपूर्ण दिशा निर्देशन पर निरीक्षक विवेक पाटले, रूपक शर्मा, एस.एन.सिंह, गौरी शंकर दुबे, सउनि शशिदेव भोई, डी.पी. भारद्वाज, सायबर सेल के प्रधान आरक्षक राजेश पटेल, प्र.आर. श्यामलाल महंत थाना चक्रधरनगर आरक्षक जगमोहन ओग्रे, रितेश दिवान, दिनेश गोंड, अखिलेश कुश्वाहा, भवानी धांगर, महेश पंडा, सुरेन्द्र पोर्ते, बृजलाल गुर्जर, महिला आरक्षक रीना बुलबुल का उल्लेखनीय योगदान रहा है ।

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