चार्जशीट: दिल्ली दंगों को लेकर बड़ा खुलासा, दंगाइयों को दिए गए थे पैसे

चार्जशीट: दिल्ली दंगों को लेकर बड़ा खुलासा, दंगाइयों को दिए गए थे पैसे

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 नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन (Tahir Hussain) ने दिल्ली दंगे में हवाला के जरिए पैसे पहुंचाया और एंटी CAA यानि नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों को फंडिंग की। प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत में ताहिर हुसैन के खिलाफ दाखिल चार्जशीट में ये आरोप लगाए हैं।

दिल्ली दंगे के आरोपी आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन जिसकी छत पर दंगों के समय बोरियों में भरे पत्थर और पेट्रोल बम मिले थे। जिस पर इंटेलिजंस ब्यूरो के कर्मी अंकित शर्मा की हत्या का आरोप है। उसके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली की अदालत में दंगाईयों को फंडिंग करने के आरोप की चार्जशीट दाखिल कर दी है। ईडी ने ताहिर हुसैन को हवाला कानून के तहत इसी साल अगस्त के महीने में गिरफ्तार किया था।

जानकारी के मुताबिक ईडी ने अपनी चार्जशीट में  इस बात के सबूत दिए हैं कि अलग-अलग शैल कंपनियों के जरिए ताहिर हुसैन के एकांउट में पैसे आए और उसके बात कैश के रूप में  पैसे दंगाइयों को बांटे गए, इसके अलावा ईडी ने ताहिर पर ये भी आरोप लगाए हैं कि एंटी सीएए के प्रोटेस्ट को भड़काने और प्रदर्शनकारियों को फंडिंग करने में भी ताहिर हुसैन की पूरी भूमिका है।

ईडी के आरोप पत्र के मुताबिक ताहिर हुसैन ने कई फर्जी कंपनियां खोल रखी थीं। जिसके मालिक ताहिर हुसैन और उसके रिश्तेदार थे। कंपनियों पर सीधा कंट्रोल ताहिर हुसैन और उसके रिश्तेदारों के हाथ में था। इन फर्जी कंपनियों के जरिए दूसरी कंपनियों में बड़े पैमाने पर फंड ट्रांसफर किए गए और फिर कैश के रूप में दंगाइयों को बांटे गए। जानकारी के मुताबिक दिल्ली दंगे और एंटी सीएए प्रोटेस्ट पर करीब 1 करोड़ रुपए की ट्रेल ईडी को मिली है। जो ताहिर हुसैन की बोगस कंपनियों से फंड किए गए। चार्जशीट में ये भी कहा गया है कि ताहिर दिल्ली दंगे के अलावा पहले भी हवाला करता आया है जिसके सबूत मिले हैं।

दरअसल ताहिर को इस साल फरवरी में दिल्ली में हुए दंगों के आरोप में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दंगे में 30  लोगों की मौत हुई थी और करीब 200 लोग घायल हुए थे। उसके बाद हवाला एंगल की जांच के लिए  ईडी ने पुलिस की एफ़आईआर के आधार पर ताहिर को गिरफ्तार कर उसके ठिकानों पर छापेमारी की थी और फर्जी कंपनियों के जरिए हवाला का मामला दर्ज किया था।